यात्रा मार्गदर्शन
श्री नेमिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, जयसिंहपुरा रेलवे क्रॉसिंग के पास, जयसिंहपुरा, उज्जैन, मध्य प्रदेश 456010
- आने का उत्तम समय
- अक्टूबर से मार्च, जब उज्जैन का मौसम सुहावना रहता है। दर्शन के लिए प्रातःकाल आएँ और संग्रहालय के लिए दिन का समय रखें।
- कितना समय रखें
- दर्शन और संग्रहालय की दीर्घाओं के लिए लगभग 1 से 2 घंटे; फिल्म शो देखें तो कुछ अधिक।
- प्रवेश शुल्क
- संग्रहालय के प्रवेश या फिल्म शो के शुल्क की कोई विश्वसनीय प्रकाशित जानकारी नहीं मिली; कृपया काउंटर पर पूछ लें।
- वेशभूषा
- शालीन और स्वच्छ वस्त्र, जिनसे कंधे और घुटने ढके रहें। प्रवेश से पहले जूते-चप्पल उतारें और बेल्ट, पर्स, बैग जैसी चमड़े की वस्तुएँ बाहर रखें।
- फोटोग्राफी
- संग्रहालय की दीर्घाओं के भीतर फोटोग्राफी वर्जित बताई गई है। मंदिर में वेदी या प्रतिमाओं का चित्र लेने से पहले अनुमति लें।
कैसे पहुँचें
- रेल से
- निकटतम स्टेशन उज्जैन जंक्शन है, जो लगभग 2 से 3 किमी दूर है (एक सूची में 1.8 किमी, तीर्थ निर्देशिकाओं में 3 किमी)।
- हवाई मार्ग से
- निकटतम हवाई अड्डा देवी अहिल्याबाई होलकर विमानतल, इंदौर है, जो उज्जैन से लगभग 56-57 किमी दूर है।
- सड़क से
- सड़क मार्ग से उज्जैन इंदौर से लगभग 55-60 किमी और भोपाल से लगभग 176 किमी दूर है। नगर का बस स्टैंड जयसिंहपुरा से लगभग 1 से 3 किमी दूर है।
- शहर के भीतर
- स्टेशन, बस स्टैंड और महाकालेश्वर क्षेत्र से ऑटो-रिक्शा और ई-रिक्शा मिलते हैं; जयसिंहपुरा रेलवे क्रॉसिंग के पास जैन मंदिर या जैन संग्रहालय पूछें।
दर्शनार्थियों के लिए सुझाव
- जिनालय में चमड़े की वस्तुएँ न ले जाएँ; बेल्ट, पर्स और चमड़े के बैग बाहर रखें।
- हाथ-पैर धोकर प्रवेश करें और वेदी के पास मौन रहें या धीमे स्वर में बोलें।
- प्रतिमाओं को स्पर्श न करें। दिगम्बर मंदिरों में अभिषेक और पूजन वही करते हैं जो स्नान करके शुद्ध पूजा-वस्त्र पहने हों।
- मंदिर में खाने-पीने की वस्तुएँ न लाएँ और परिसर में सूर्यास्त के बाद भोजन न करने की जैन मर्यादा का सम्मान करें।
- अभिषेक और पूजन प्रातःकाल होते हैं; देखना या सम्मिलित होना चाहें तो जल्दी आएँ।
- संग्रहालय का समय और फिल्म शो का कार्यक्रम बदल सकता है; पहुँचकर पुष्टि करें, विशेषकर पर्व के दिनों में।
- मंदिर महाकालेश्वर से केवल लगभग 1.6 किमी दूर है, इसलिए पुराने शहर के भ्रमण के साथ आसानी से देखा जा सकता है; सोमवार, श्रावण मास और सिंहस्थ के समय भीड़ अधिक रहती है।
आसपास के दर्शनीय स्थल
- त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय1 किमी
जयसिंहपुरा में रुद्रसागर पर स्थित राज्य संग्रहालय; जैन संग्रहालय के साथ देखने योग्य (दूरी अनुमानित)।
- हरसिद्धि माता मंदिर1.2 किमी
प्राचीन देवी मंदिर, जो अपने दो ऊँचे दीप-स्तंभों के लिए प्रसिद्ध है।
- क्षिप्रा तट का रामघाट1.5 किमी
उज्जैन का प्रमुख स्नान घाट और सिंहस्थ मेले का केंद्र (दूरी अनुमानित)।
- वेधशाला (जंतर मंतर)1.5 किमी
अठारहवीं शताब्दी की वेधशाला, जिसे सवाई जयसिंह ने बनवाया था; जयसिंहपुरा का नाम उन्हीं पर है (दूरी अनुमानित)।
- श्री महाकालेश्वर मंदिर1.6 किमी
उज्जैन का सबसे प्रसिद्ध मंदिर, बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक।
- श्री अवंति पार्श्वनाथ जैन श्वेताम्बर तीर्थ, दानीगेट2 किमी
क्षिप्रा के पास श्वेताम्बर तीर्थ, जिसे परंपरा आचार्य सिद्धसेन दिवाकर और कल्याण मंदिर स्तोत्र से जोड़ती है (दूरी अनुमानित)।
- श्री महावीर तपोभूमि, इंदौर रोड10 किमी
मुनि प्रज्ञासागर के मार्गदर्शन में विकसित विशाल दिगम्बर जैन परिसर, जहाँ कई जिनालय और भगवान महावीर की ऊँची प्रतिमा है (दूरी अनुमानित)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जयसिंहपुरा मंदिर के मूलनायक कौन हैं?
जैन तीर्थ निर्देशिकाओं में यह क्षेत्र श्री नेमिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र के नाम से दर्ज है, जिससे स्पष्ट है कि मूलनायक बाईसवें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ हैं। प्रतिमा का विस्तृत प्रकाशित विवरण नहीं मिला।
यह दिगम्बर मंदिर है या श्वेताम्बर?
यह दिगम्बर जैन मंदिर है और पास का संग्रहालय भी दिगम्बर जैन संस्था, मालवा प्रांतिक सभा, द्वारा संचालित है।
मंदिर कितना पुराना है?
मंदिर या उसकी प्रतिमाओं की कोई विश्वसनीय प्रकाशित तिथि हमें नहीं मिली। पास का संग्रहालय 1944 में स्थापित हुआ और उसकी अनेक प्रतिमाएँ मालवा की मध्यकालीन कृतियाँ हैं।
जैन संग्रहालय में क्या है?
मालवा और आसपास के क्षेत्रों से एकत्र लगभग 560 जैन प्रतिमाएँ और पुरावशेष, जो चौबीस तीर्थंकर, आदिनाथ, पार्श्वनाथ और मूर्तिकला दीर्घाओं में प्रदर्शित हैं; साथ ही एक सभागार है जहाँ वृत्तचित्र और 3डी फिल्म दिखाई जाती है।
संग्रहालय की स्थापना किसने की?
श्री दिगम्बर जैन मालवा प्रांतिक सभा, बड़नगर ने 1944 में इसकी स्थापना की। स्थापना और प्रतिमाओं के संग्रह में श्री सत्यंधर कुमार सेठी का प्रमुख योगदान माना जाता है। वर्तमान भवन अप्रैल 2015 में आरंभ हुआ।
संग्रहालय का समय क्या है?
संग्रहालय की वेबसाइट पर प्रातः 8 से सायं 7 बजे तक, सभी दिन खुला लिखा था। वह वेबसाइट अब चालू नहीं है, इसलिए कृपया स्थानीय स्तर पर पुष्टि करें।
क्या यहाँ धर्मशाला या भोजनशाला है?
हाँ, मंदिर से जुड़ी धर्मशाला में साधारण कमरे उपलब्ध हैं। तीर्थ निर्देशिकाओं में भोजनशाला भी दर्ज है, पर एक बुकिंग सूची में इसका उल्लेख नहीं है, इसलिए भोजन की व्यवस्था की पहले से पुष्टि कर लें।
महाकालेश्वर और रेलवे स्टेशन से यह कितनी दूर है?
महाकालेश्वर मंदिर से लगभग 1.6 किमी और उज्जैन जंक्शन से लगभग 2 से 3 किमी।
क्या जैनेतर लोग भी आ सकते हैं?
हाँ। सभी धर्मों के लोग दर्शन और संग्रहालय देखने आ सकते हैं, बस मंदिर की मर्यादा का पालन करें: जूते-चप्पल और चमड़े की वस्तुएँ बाहर रखें, शालीन वस्त्र पहनें और शांति बनाए रखें।